किसानों का पैसा लूटकर किस तरह किसानों का भला किया जा रहा है छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की सहकारी बैंक में

 पालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रबंधक से चर्चा करते हुए


किसानों की मेहनत की कमाई पर डाका – सहकारी बैंक प्रबंधक ने 79 लाख रुपये का किया गबन, छात्र पालक संघ प्रदेश अध्यक्ष नज़रुल खान ने प्रबंधक सुरेन्द्र सिंह भुवाल पर गबन का अपराध दर्ज करने की मांग दुर्ग जिला संभागायुक्त से की।

छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री नज़रुल खान ने जिला दुर्ग के ग्राम सोमनी स्थित सेवा सहकारी समिति/सहकारी बैंक शाखा भिलाई-3 में हुए करोड़ों के घोटाले और किसानों की जमा पूंजी के लगभग 79 लाख रुपये गबन के मामले को लेकर एक बार फिर आक्रोश व्यक्त किया है।

दुर्ग जिला कलेक्टर से 2 बार शिकायत करने के बाद भी भुवाल पर अपराध दर्ज ना होने पर दुर्ग संभागायुक्त से की शिकायत

श्री खान ने बताया कि सहकारी बैंक शाखा भिलाई-3 के प्रबंधक श्री सुरेन्द्र सिंह भुवाल ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मिलकर किसानों से बचत के नाम पर रकम जमा करवाई और बाद में उसी रकम को धोखाधड़ीपूर्वक हड़प लिया जिसकी शिकायत 2 बार दुर्ग जिला कलेक्टर से पालक संघ द्वारा किये जाने के पश्चात भी प्रबंधक सुरेन्द्र सिंह भुवाल पर कोई आपराधिक मामला दर्ज ना होने पर पालक संघ अध्यक्ष नज़रुल खान ने दुर्ग संभागायुक्त के समक्ष पुनः शिकायत की।

मामला उजागर होने पर प्रबंधक ने खुद को बचाने के लिए उल्टा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर दोष मढ़कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। यह कदम स्पष्ट रूप से साजिश और आत्मरक्षा का प्रयास है।

छात्र पालक संघ ने कहा है कि यह मामला केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि किसानों की मेहनत, विश्वास और जीवन की पूंजी से जुड़ा गंभीर अपराध है। इस प्रकरण से ग्राम सोमनी के सैकड़ों किसान आर्थिक संकट में हैं और कई किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने की स्थिति में पहुंच रहे हैं।

संघ की मांगें:

 मुख्य आरोपी प्रबंधक सुरेन्द्र सिंह भुवाल के विरुद्ध भी अन्य कर्मचारियों की तरह
धारा 409, 420, 467, 468, 471 भा.दं.सं. के तहत एफ.आई.आर दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
किसानों की गबन की गई रकम की लेखा जांच कराई जाए एवं पूरी राशि ब्याज सहित
गबन में शामिल प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों की भविष्य निधि व निजी संपत्तियों को कुर्क कर किसानों को लौटाई जाए।
 सहकारी समिति की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी दोबारा न हो।
संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवा से निलंबित कर बर्खास्त किया जाए।

कलेक्टर से की गई शिकायत की प्रति मुख्यमंत्री,वित्त मंत्री, गृह मंत्री, और सहकारिता मंत्री को भी भेजी पालक संघ ने।
पालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने जन जागरण टाइम्स की टीम को बताया कि अगर प्रबंधक भुवाल पर कार्यवाही ना हुई तो सारी शिकायतों की प्रति, और किसानों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पालक संघ बैंक प्रबंधक भुवाल पर कार्यवाही करवाने और किसानों का पैसा ब्याज के साथ भुगतान बैंक प्रबंधक भुवाल और अन्य दोषी कर्मचारियों के निजी संपत्ति और भविष्यनिधि से करवाने हेतु जनहित याचिका दायर करने उच्च न्यायालय की शरण लेगा।

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